Jai Jinendra Bhajan Hindi Mein – Sukun Milta Hai Jai Jinendra Kehne Se

सुकून मिलता है जय जिनेन्द्र कहने से…

दुःख के बादल छट जाते है जय जिनेन्द्र कहने से…

तन झूमने लगता है जय जिनेन्द्र कहने से…

खुशियां मिलती है जय जिनेन्द्र कहने से…

दर्द दूर हो जाता है जय जिनेन्द्र कहने से…

सहारा मिलता है हारे को जय जिनेन्द्र  कहने से…

मंजिल मिल जाती है जय जिनेन्द्र  कहने से…

बड़ों का आशीर्वाद मिलता है जय जिनेन्द्र कहने से…

मेरे महावीर के दर्शन मिल जाते  है जय जिनेन्द्र कहने से…

हँसते हुए आचार्य विद्या सागर नजर आते है जय जिनेन्द्र कहने से..!!

आप को हाथ जोड़ कर मेरा….

जय जिनेंद्र

एक बार प्रभु आओ चाहे आके चले जाना

एक बार प्रभु आओ, चाहे आके चले जाना,

जाने नहीं देंगे हम, तुम जाके तो दिखलाना

वो कौन घड़ी होगी, वो कौन सा पल होगा,

तेरा दर्शन कर भगवन, मेरा जनम सफल होगा,

एक पल की खातिर तुम, अब और ना तरसाना

एक बार प्रभु आओ, चाहे आके चले जाना,

जाने नहीं देंगे हम, तुम जाके तो दिखलाना…..

हमने तुझे पुजा है, मन वाणी कर्मों से,

दीदार की प्यासी है, आंखे कर्इ जन्मों से,

इक झलक दिखाके तुम, ये प्यास बुझा जाना

एक बार प्रभु आओ, चाहे आके चले जाना,

जाने नहीं देंगे हम, तुम जाके तो दिखलाना…..

मेरी आस बंधी तुमसे, ये आस ना तोड़ोगे,

ये दुनिया देख रही, विश्वास ना तोड़ोगे

हूं पूर्ण समर्पित मैं, मुझको नही ठुकराना

एक बार प्रभु आओ, चाहे आके चले जाना,

जाने नहीं देंगे हम, तुम जाके तो दिखलाना…..

तुझे हम ढूंढ रहे है कहां है देहरे वाले

तुझे हम ढूंढ रहे है,

कहां है देहरे वाले,

या तो अब सामने आ,

या हमे भी तु छुपालेतुझे हम

सफर में जि़न्दगी के,

कुछ ऐसे मोड़ आये,

जिन्हे समझा था अपना,

वो निकले पराये,

एक तेरा है सहारा,

गले से तु लगालेतुझे हम

दर्द से अपना रिश्ता,

पुराना हो गया है,

तेरी चाहत मे ये दिल,

दिवाना हो गया है,

सुन सदा धड़कनो की-2

हम है तेरे हवालेतुझे हम

डोर सांसो की टूटे,

जमाना चाहे रूठे,

यही बस आरजु है,

तेरा दामन ना छुटे,

तड़फते है तेरे बिन,

पास अपने बुलालेतुझे हम

एक दर पे भिखारी है,

एक दर पे भिखारी है,

बड़ा दीनदुखारी है,

तेरी बाट निहार रहा,

तेरा नाम पुकार रहा.. एक दर पे..

इस दिल में उदासी है,

आंखे दर्श की प्यासी है,

तेरे दर्शन हो जाये,

इच्छा ये जरा सी है,

सुनी सी आंखों से,

तेरा द्वार निहार रहा.. एक दर पे..

सुनते है तेरी रहमत,

हर ओर बरसती है,

हम पर भी दया कर दो,

हसरत ये मचलती है,

अब तो आ जाओं प्रभु,

तेरा बेटा पुकार रहा.. एक दर पे..

धन दौलत ना चाहिये,

ना चांदी ना सोना,

दे दो अपने दिल में,

एक छोटा सा कोना,

जी नही पायेंगे हम,

तेरा गर इन्कार रहा.. एक दर पे..

दुनियां के सताये है,

तेरी शरण में आये है,

कर दो कृपा अब हम पर,

हम ठोकरें खाये है,

अब थाम लो तुम दामन,

बैरी संसार रहा.. एक दर पे..

बरसा पारस सुख बरसा आंगन-2 सुख बरसा

बरसा पारस, सुख बरसा,

आंगन-2 सुख बरसा

चुन-2 कांटे नफरत के,

प्यार अमन के फूल खिलाबरसा पारस..

द्वेषभाव को मिटा,

इस सकल संसार से,

तेरा नित सुमिरन करें,

मिलजुल सारे प्यार से,

मानव से मानव हो ना जुदाआंगन-2

झोलियां सभी की तु,

रहमोंकरम से भर भी दे,

पीरपर्वत हो गर्इ,

अब तो कृपा कर भी दे,

मांगे तुझसे ये ही दुआआंगन-2

कोर्इ मन से है दुखी,

कोर्इ तन से है दुखी,

हे प्रभु ऐसा करो,

कुल जहान हो सुखी,

सुखमय जीवन सबका सदाबरसा पारस..

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