तुझे हम ढूंढ रहे है कहां है देहरे वाले

तुझे हम ढूंढ रहे है,

कहां है देहरे वाले,

या तो अब सामने आ,

या हमे भी तु छुपालेतुझे हम

सफर में जि़न्दगी के,

कुछ ऐसे मोड़ आये,

जिन्हे समझा था अपना,

वो निकले पराये,

एक तेरा है सहारा,

गले से तु लगालेतुझे हम

दर्द से अपना रिश्ता,

पुराना हो गया है,

तेरी चाहत मे ये दिल,

दिवाना हो गया है,

सुन सदा धड़कनो की-2

हम है तेरे हवालेतुझे हम

डोर सांसो की टूटे,

जमाना चाहे रूठे,

यही बस आरजु है,

तेरा दामन ना छुटे,

तड़फते है तेरे बिन,

पास अपने बुलालेतुझे हम

एक दर पे भिखारी है,

एक दर पे भिखारी है,

बड़ा दीनदुखारी है,

तेरी बाट निहार रहा,

तेरा नाम पुकार रहा.. एक दर पे..

इस दिल में उदासी है,

आंखे दर्श की प्यासी है,

तेरे दर्शन हो जाये,

इच्छा ये जरा सी है,

सुनी सी आंखों से,

तेरा द्वार निहार रहा.. एक दर पे..

सुनते है तेरी रहमत,

हर ओर बरसती है,

हम पर भी दया कर दो,

हसरत ये मचलती है,

अब तो आ जाओं प्रभु,

तेरा बेटा पुकार रहा.. एक दर पे..

धन दौलत ना चाहिये,

ना चांदी ना सोना,

दे दो अपने दिल में,

एक छोटा सा कोना,

जी नही पायेंगे हम,

तेरा गर इन्कार रहा.. एक दर पे..

दुनियां के सताये है,

तेरी शरण में आये है,

कर दो कृपा अब हम पर,

हम ठोकरें खाये है,

अब थाम लो तुम दामन,

बैरी संसार रहा.. एक दर पे..

बरसा पारस सुख बरसा आंगन-2 सुख बरसा

बरसा पारस, सुख बरसा,

आंगन-2 सुख बरसा

चुन-2 कांटे नफरत के,

प्यार अमन के फूल खिलाबरसा पारस..

द्वेषभाव को मिटा,

इस सकल संसार से,

तेरा नित सुमिरन करें,

मिलजुल सारे प्यार से,

मानव से मानव हो ना जुदाआंगन-2

झोलियां सभी की तु,

रहमोंकरम से भर भी दे,

पीरपर्वत हो गर्इ,

अब तो कृपा कर भी दे,

मांगे तुझसे ये ही दुआआंगन-2

कोर्इ मन से है दुखी,

कोर्इ तन से है दुखी,

हे प्रभु ऐसा करो,

कुल जहान हो सुखी,

सुखमय जीवन सबका सदाबरसा पारस..

तुझे पिता कहुं या माता तुझे मित्र कहुं या भ्राता

तुझे पिता कहुं या माता,

तुझे मित्र कहुं या भ्राता,

सौ-2 बार नमन करता हूं

चरणों में झुका के माथातुझे पिता कहुं

हे परमेश्वर तेरी जग में,

है महिमा बहुत निराली,

तु चाहे तो बज जाये,

हर एक हाथ से ताली

हे प्रभु तेरी कुदरत का,

ये खेल समझ नही आतातुझे पिता कहुं

सती मैना ने तुझे पुकारा,

तुने पति का कोढ़ मिटाया,

मुनि मांनतुंग ने ध्याया,

सौ तालों को तोड़ गिराया,

कण-2 में तु बसा है,

पर कही नज़र नही आतातुझे पिता कहुं

है धरा पाप से बोझल,

तब हमने तुझे पुकारा,

अब धीरज ड़ोल रहा है,

तु दे दे हमे सहारा,

बिन तेरे इस दुनिया में,

हमे कोर्इ नज़र नही आतातुझे पिता कहुं

स्वागतम गुरूवर शरणागतम गुरूवर

स्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर,

सुस्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर,

तुने भक्तों से वादा किया था, कि बुलाओगें जब चला आउंगा,

जब बढ़ने लगेगा अंधेरा, ज्ञान का दीप आके जलाउंगा,

स्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर,

सुस्वागतम गुरूवर, शरणागतम गुरूवर,

तेरी उम्मीद, तेरा सहारा, हमने रो-2 के तुझको पुकारा,

हम तो तेरे है, तेरे रहेंगे, तु बता कब बनेगा हमारा,

स्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर,

सुस्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर,

तेरी राहों में पलकें बिछार्इ, तेरी आमद को गलियां सज़ार्इ,

ना कर देर अब आजा प्यारे, वरना होगी बड़ी ज़ग हसार्इ,

स्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर,

सुस्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर,

तेरी दुनिया का दस्तुर है क्या, जिसे चाहो वो मिलता नही है,

पर ये भी हकीकत है तुझ बिन, एक पत्ता भी हिलता नही है

स्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर,

सुस्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर,

तेरे दर पर मेरा सर झुका है, इसे दुनिया में झुकने ना देना,

हम रहे ना रहे इस जहां में, नाम भक्तो का मिटने ना देना,

स्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर,

सुस्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर,

हमसे कोर्इ खता गर हुर्इ है, फिर भी तुझ से महोब्बत करेंगे,

हमे मोक्ष की परवाह नही है, हम तो तेरी ही पुजा करेंगे,

स्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर,

सुस्वागतम गुरूवरशरणागतम गुरूवर

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