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भावना एक मेरी प्रभु स्वीकार लेना


(तर्ज- थोडा सा प्यार हुआ है…)

भावना एक मेरी प्रभु स्वीकार लेना

डूबे ना नाव मेरी – २, इसे तु तार लेना भावना एक मेरी….

शरण हमने लिया है, अर्पण तुम्हे किया है

दिल में बसा लिया, ये दिल तुमको दिया है

आज आकार खड़ा हूँ – २ मुझे यू तार लेना भावना एक मेरी….

नाथ तुमसा मिला है, ह्रदय का बाग खिला है

कर्मो का राज हिला है मुझे सरताज मिला है

तुम्हे पाकर खुशी है – २, कोई ना नाथ मेरे भावना एक मेरी….

ज्ञान तुमने दिया है, पान उसका किया है

आज हर्षित जिया है गम को भुला दिया है

भाव की पुष्प माला – २, इसे तुम धार लेना भावना एक मेरी….

प्रभु तुमने दिखाया, भक्ति का भाव जगाया

आस लेकर बड़ी, दर्शन तेरा सुहाया

जैन ज्ञान आया – २, रटन है दिवस रेना भावना एक मेरी….

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Updated: December 20, 2015 — 12:20 pm

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